2025 में शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त
भारतीय संस्कृति में विवाह केवल एक सामाजिक बंधन नहीं, बल्कि एक पवित्र संस्कार है। सही समय और शुभ मुहूर्त में किया गया विवाह दांपत्य जीवन में सुख, प्रेम और समृद्धि लाता है। दुर्ग-भिलाई के ज्योतिषाचार्य लक्ष्मी नारायण आपके लिए 2025 के सभी शादी-ब्याह के शुभ मुहूर्त लेकर आए हैं।
यदि आपने अभी तक 2025 का राशिफल और 2025 के ज्योतिषीय उपाय नहीं देखे हैं, तो पहले उन्हें पढ़ लें, ताकि विवाह के समय ग्रहों की स्थिति आपके पक्ष में रहे।
शुभ मुहूर्त का महत्व
विवाह का शुभ मुहूर्त चुनते समय ग्रह, नक्षत्र, तिथि, वार और लग्न का विशेष ध्यान रखा जाता है। सही समय में विवाह होने से वैवाहिक जीवन में प्रेम, समझ और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।
2025 के शादी-ब्याह के मासिक शुभ मुहूर्त
| माह | तारीखें | शुभ समय |
|---|---|---|
| जनवरी | 15, 18, 21, 27, 30 | सुबह 7:15 से दोपहर 12:20 |
| फरवरी | 5, 9, 12, 18, 25 | सुबह 8:05 से दोपहर 1:10 |
| मार्च | 3, 6, 11, 14, 20 | सुबह 6:50 से दोपहर 12:40 |
| अप्रैल | 8, 10, 17, 23, 28 | सुबह 7:25 से दोपहर 1:00 |
| मई | 2, 6, 12, 16, 21, 27 | सुबह 6:45 से दोपहर 12:50 |
| जून | 1, 5, 9, 15, 20 | सुबह 7:10 से दोपहर 1:15 |
| जुलाई | — | अधिक मास और चातुर्मास – विवाह वर्जित |
| अगस्त | — | चातुर्मास – विवाह वर्जित |
| सितंबर | — | पितृपक्ष – विवाह वर्जित |
| अक्टूबर | 20, 25, 28 | सुबह 7:30 से दोपहर 12:40 |
| नवंबर | 2, 5, 8, 15, 21, 27 | सुबह 7:00 से दोपहर 1:20 |
| दिसंबर | 3, 7, 12, 18, 24, 30 | सुबह 6:55 से दोपहर 12:55 |
नक्षत्र अनुसार शुभ विवाह योग
| नक्षत्र | विवाह के लिए श्रेष्ठ |
|---|---|
| रोहिणी | प्रेम और स्थिरता के लिए |
| मृगशिरा | परिवारिक सुख के लिए |
| उत्तराफाल्गुनी | धन और वैभव के लिए |
| हस्त | दीर्घायु और स्वास्थ्य के लिए |
| स्वाती | समृद्धि के लिए |
| अनुराधा | प्रेम और सहयोग के लिए |
| उत्तराषाढ़ा | सम्मान और प्रतिष्ठा के लिए |
| रेवती | खुशहाली और संतान सुख के लिए |
विवाह से पहले के ज्योतिषीय उपाय
- विवाह की तिथि तय करने से पहले जन्म कुंडली मिलान अवश्य करें।
- मंगल दोष हो तो पहले मंगल शांति कराएं।
- ग्रहों की स्थिति प्रतिकूल हो तो उचित रत्न धारण करें।
- विवाह के दिन हल्दी और पीले वस्त्र का उपयोग शुभ होता है।
2025 में विवाह के अशुभ समय
कुछ समय ऐसे होते हैं जब विवाह करना वर्जित माना गया है:
- चातुर्मास (जुलाई-अगस्त)
- पितृपक्ष (सितंबर)
- अधिक मास
- ग्रहण काल
विशेष सलाह
यदि आपके विवाह में देरी हो रही है या बार-बार बाधाएं आ रही हैं, तो 2025 के ज्योतिषीय उपाय (यहां देखें) जरूर अपनाएं। इससे ग्रहों की शांति होगी और विवाह में आ रही रुकावटें दूर होंगी।
निष्कर्ष
सही मुहूर्त में विवाह करना जीवन की सबसे बड़ी खुशियों में से एक है। यदि आप 2025 में विवाह करने की योजना बना रहे हैं, तो यहां दिए गए शुभ मुहूर्त और नक्षत्र के आधार पर सही समय चुनें। व्यक्तिगत मार्गदर्शन और सही लग्न के लिए हमसे संपर्क करें।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या सभी शुभ तिथियों में विवाह किया जा सकता है?
हाँ, लेकिन अपनी कुंडली और ग्रह स्थिति के अनुसार तिथि चुनना सबसे अच्छा होता है।
क्या नक्षत्र और लग्न दोनों देखना जरूरी है?
हाँ, विवाह के लिए नक्षत्र, तिथि और लग्न का मिलान आवश्यक है।
क्या अधिक मास में विवाह हो सकता है?
अधिक मास में विवाह करना शुभ नहीं माना जाता, इसलिए इससे बचना चाहिए।
लक्ष्मी नारायण की वेबसाइट:
अगर आप लक्ष्मी नारायण से जन्म कुंडली परामर्श चाहते है तो आप निचे दी गई websites पर जाकर उनसे संपर्क कर सकते है।





