बुध प्रदोष व्रत 2025: कब है सावन का अंतिम प्रदोष व्रत ? जानें तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि

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बुध प्रदोष व्रत 2025

बुध प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष पूजा की जाती है, इस दिन व्रत-पूजा करने से बुध ग्रह शुभ होने के साथ जीवन में सुख, समृद्धि, और सौभाग्य आता है। साथ ही जीवन की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। अगर किसी युवक-युवती का विवाह नहीं हो पा रहा हो, किसी को संतान प्राप्ति में बाधा आ रही हो, तब भी बुध प्रदोष व्रत-पूजा करने से उनके कष्ट दूर होकर विवाह संपन्न होता है, संतान की प्राप्ति होती है।

आइये अब दुर्ग भिलाई ज्योतिष लक्ष्मी नारायण से बुध प्रदोष व्रत की पूरी जानकारी, तिथि, पूजन विधि, सामग्री आदि के बारे में विस्तार से तालिका से जानते है। इस तालिका से आपको समझने में बहुत आसानी होगी।

बुध प्रदोष व्रत की पूजा विधि तालिका

क्रमपूजा विधि विवरण
1सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें
2दिनभर व्रत (फलाहार या निर्जला) रखें
3संध्या के समय भगवान शिव का अभिषेक करें
4दीप जलाकर बिल्व पत्र, जल, दूध, दही, शहद, गंगाजल से शिवलिंग पर पूजन करें
5“ॐ नमः शिवाय” का जप करें
6प्रदोष व्रत कथा का श्रवण करें
7आरती कर प्रसाद वितरण करें
8ब्राह्मण या जरूरतमंद को अन्न, वस्त्र या दक्षिणा दें

पूजा सामग्री सूची तालिका

सामग्री का नामउपयोग
जल / गंगाजलस्नान व अभिषेक हेतु
बिल्व पत्रशिव पूजन में अति प्रिय
अक्षत (चावल)पूजन में
पुष्प / मालाशिव को अर्पण हेतु
दूध, दही, शहद, घीपंचामृत बनाने हेतु
दीपक व कपूरआरती के लिए
धूपबत्ती / अगरबत्तीसुगंधित वातावरण हेतु
फल व मिठाईप्रसाद हेतु
शिवलिंग (यदि संभव हो)घर पर पूजन हेतु
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